:
Breaking News

वायरलेस से फिर वायर्ड की ओर वापसी: क्यों तार वाले ईयरफोन बन रहे हैं नई पसंद?

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

कुछ साल पहले तक वायरलेस ईयरबड्स को आधुनिक लाइफस्टाइल का हिस्सा माना जाने लगा था। हर हाथ में छोटे–छोटे ब्लूटूथ बड्स दिखते थे और तार वाले ईयरफोन पुराने दौर की चीज माने जाने लगे थे। लेकिन अब तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। बड़ी संख्या में लोग फिर से पुराने अंदाज़ के तार वाले ईयरफोन की तरफ लौट रहे हैं।
यह बदलाव केवल तकनीक का नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की आदतों का भी है। कई उपयोगकर्ताओं का कहना है कि चमक-दमक से ज्यादा उन्हें सादगी और भरोसेमंद साधन चाहिए। भागदौड़ भरी जिंदगी में बार-बार चार्जिंग, कनेक्शन की दिक्कत और छोटे उपकरण संभालने की उलझन ने लोगों को दोबारा पुराने विकल्प की याद दिला दी है।
मुंबई के एक निजी कंपनी में काम करने वाले आदित्य बताते हैं, “शुरुआत में वायरलेस का शौक था, लेकिन कुछ महीनों बाद लगा कि साधारण तार वाला ईयरफोन ज्यादा सुकून देता है। कम से कम यह भरोसा रहता है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत काम करेगा।”
बाजार में भी यह रुझान साफ दिखने लगा है। मोबाइल दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से तार वाले ईयरफोन की पूछताछ फिर बढ़ी है। खासकर छात्र, नौकरीपेशा लोग और यात्रा करने वाले उपभोक्ता इसे ज्यादा व्यावहारिक मान रहे हैं।
सामाजिक जानकार इसे उपभोक्ता व्यवहार में “रियल जरूरतों की वापसी” मानते हैं। उनके मुताबिक हर नई चीज जरूरी नहीं कि लंबे समय तक टिके, लोग अंततः उसी ओर लौटते हैं जो सरल, सुलभ और तनावमुक्त हो।
कभी फैशन से बाहर माने जाने वाले तार वाले ईयरफोन आज फिर लोगों की जेब और जेहन दोनों में जगह बना रहे हैं। यह बदलाव बताता है कि तकनीक से ज्यादा अहम वह सुविधा है, जो इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाए।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *